Categories
Uncategorized

Zakhmi Dil Quotes

Zakhmi Dil Quotes! Hi friends, I have collected some new Zakhmi Dil Quotes. Zakhmi Dil Quotes has been published. So check the latest Zakhmi Dil Quotes and share it with your lovely friends. Read it and enjoy it.so you can share it with your all lovely friends. Its give smile and happiness to everyone face. Laughter is the way to make smile on everyone’ s face. Laughter is the best medicine for our health. Be happy and keep laughing…
Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

Hme Aap Ki Jaan Nhi Sirf Sath Chahiye
Sacche Pyaar Ka Ek Ehsas Chahiye
Jaan To Ek Paal Me Di Ja Sakti Hai
Pr Hme Aapki Mohabbat Aakhri Sans Tak Chahiye;

Wo Jo Lakho Me Ek Hota Hai Na
Mere Liye Wo Anmol Sakhs Ho Tum

Zakhmi Dil Quotes

Aesa Kya Likhu Ki Tere Dil Ko Tsalli Ho Jaye
Kya Itna Kahna Kafi Nhi Hai Ki Meri Zindagi Ho Tum

Log Apna Bnake Chor Dete Hai
Apno Se Rishta Tod Dete Hai Aur Gairo Se Jod Dete Hai
Hum To Ek Phool Na Tod Ske
Naa Jane Log Dil Kaise Tod Dete Hai

Numaish Karne Se Mohabbat Bad Nhi Jati
Mohabbat Wo Bhi Karte Hai Jo Izhaar Tak Nhi Karte

Kabhi Kabhi Khamoshi Bhi Bhut Kuch Kah Jati Hai
Tdapne Ke Liye Yaade Rah Jati Hai
Kya Fark Padta Hai WILLS Ho Ya REGULAR
Jalne Ke Baad Srf Raakh Rah Jati Hai

Too Es Kadar Chaye Ho Meri Zindagi Ke Hisse Me
Ki Meri Sanso Ki Ginti Se Jyada Meri Juba Pe Tera Naam Aata Hai

Pyaas Agar Meri Bujha De To Manoo Mai
Warna Too Smundar Bhi Ho To Mere Kis Kaam Ka

Zakhmi Dil Quotes

जिनको भी ग़मे ए इश्क़ में मौत मिल गयी समझो की उसे मरने से फुर्सत
मिल गयी ना रोक तू हमें अब पीने से कुछ जाम से मेरे रूह को जन्नत मिल गयी

कुछ तो शराफत सीख ले ए मोहब्बत शराब से बोतल पर
कम से कम लिखा तो होता है कि मैं जान लेवा हूं

तेरे दीदार का नशा भी अजीब है तू ना दिखे तो
दिल तड़पता है और तू दिखे हैं तो नशा और चलता है

खा कर ठोकर ज़माने की फिर लौट आये मयखाने में
मुझे देख कर मेरे ग़म बोले बड़ी देर लगा दी आने में

तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी
एक हम है कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे

पी है शराब हर गली की दुकान से दोस्ती सी हो गयी है शराब की जाम से गुज़रे है
‘हम’ कुछ ऐसे मुकाम से की आँखें भर आती है मोहब्बत के नाम से

क्या रखा है सुनने और सुनाने में,
किसी ने कसर नहीं छोड़ी दिल दुखाने में.

ये कौन-सी नई रीति चला रहे है लोग,
बेवफाओ के लिए उम्र भर आँसू बहा रहे है लोग.

तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता
दाग़ देहलवी

मौत पर भी है यकीन उन पर भी ऐतबार है,
देखते है पहले कौन आता है… दोनों का इन्तजार है.

दिल गुमसुम, जुबाँ खामोश, आँखे नम क्यों है,
तुझे कभी पाया ही नहीं तो, आज खोने का गम क्यों है.

जब इश्क़ के ख्वाब अधूरे रह जाते है,
तब दिल के दर्द आँसू बनकर बाहर आते है.

दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते
अब कोई शिकवा हम नहीं करते
जौन एलिया

दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दिल आबाद कहाँ रह पाए उस की याद भुला देने से
कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से
जलील ’आली’

हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया
जिगर मुरादाबादी

”आप की याद आती रही रात भर”
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नादान दिल शायरी

दिलों में गर पली बेजाँ कोई हसरत नही होती,
हम इंसानों को इंसानों से यूँ नफरत नही होती.

दिल का दर्द बताएं हम कैसे,
नुमाइश की चीज नहीं, दिखाएं हम कैसे.

चाहत टूटी तो जिन्दगी बिखर जायेगी,
ये जुल्फ़ नहीं है जो हर बार संवर जायेगी,
थाम लो दामन उसका जो तुम्हे ख़ुशी दे,
वरना रो-रो कर तो सारी उम्र गुजर जायेगी.

कितना नादाँ है ये दिल कैसे इसे समझाऊं,
तू जिसे खोना नहीं चाहता वो तेरा होना नहीं चाहता.

किन लफ्जों में बयाँ करूं
अपने दिल के दर्द को ऐ जिंदगी,
सुनने वाले तो बहुत है
समझने वाला कोई नहीं.

ऐसा नही है कि अब तेरी जुस्तजू नही रही,
बस टूट-टूट कर बिखरने की हिम्मत नही रही.

Teri Tarha Malal Ab Mujhe Bhi Nahi Raha
Ja Ab Tera Khayal Mujhe Bhi Nahi Raha.

Koi Ruthe To Use Jaldi Mana Liya Kro Dosto,
Gurur Ki Jung Me Aksar Judai Jeet Jati Hai.

Dil Se Najuk Nahi, Duniya Me Koi Cheej Sahab,
Lafj Ka War Bhi, Khanjar Ki Tarah Lagta Hai.

मेरे अपना मुझको कभी समझ नहीं सके,
रिश्तों में अहसास फिर पनप नहीं सके,
एक घर के अंदर भले हम संग-संग रहे,
मगर दिल की दूरियां सिमट नहीं सके.

हर मुलाकात पर वक्त का तकाजा हुआ,
हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ.

भरता ही नहीं ये जख्म मिला कैसा है,
मोहब्बत का मिला ये सिला कैसा है,
पल-पल सताती है उस बेवफा की याद
थमता ही नहीं ये सिलसिला कैसा है.

लोग कहते है पिये बैठा हूँ मैं,
खुद को मदहोश किये बैठा हूँ मैं,
जान बाकी है वो भी ले लीजिये
दिल तो पहले ही दिए बैठा हूँ.

वो रोये तो बहुत पर मुझसे मुँह मोड़ कर रोये,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोये,
मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़ कर रोये.

माना अभी जख्मी है दिल हमारा,
पर जख्म देकर खुश नहीं है दिल तुम्हारा.

तू मेरे बिना ही खुश है तो शिकायत कैसी,
अब मैं तुझे खुश भी ना देखूँ तो मोहब्बत कैसी.

यहाँ अपने ही मजा लेते है अपनों की हार पर,
कैसे करूं भरोसा गैरों के प्यार पर.

कुछ इस तरह मुझसे वक्त ने सौदे किये है,
लेकर मेरी मासूमियत तजुर्बे बहुत से दिए है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *