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Sad Shayari

Sad Shayari! Hi friends, I have collected some new Sad Shayari. Sad Shayari has been published. So check the latest Sad Shayari and share it with your lovely friends. Read it and enjoy it.so you can hare it with your all lovely friends. Its give smile and happiness to everyone face. Laughter is the way to make smile on everyone’ s face. Laughter is the best medicine for our health. Be happy and keep laughing…
Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें।
हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें।
मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी।
क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।

वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो।
वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो।
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको।
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो।”

Sad Shayari

मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही।
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही।
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है।
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही।

दर्द को दर्द अब होने लगा है।
दर्द अपने गम पे खुद रोने लगा है।
अब हमें दर्द से दर्द नही लगेगा।
क्योंकि दर्द हमको छू कर खुद सोने लगा है।

दिल मे आरज़ू के दिये जलते रहेगे।
आँखों से मोती निकलते रहेगे।
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो।
हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।;;’

सामने मंजिल तो रास्ते ना मोड़ना ।
जो मन मे हो वो ख़्वाब ना तोड़ना ।
हर कदम पर मिलेगी सफ़लता ।
बस आसमान छूने के लिए जमीन ना छोड़ना ।

प्यार में मौत से डरता कोन है ।
प्यार हो जाता है करता कोन है।
आप जैसे यार पर हम तो क्या सारी दुनियां फिदा है।
लेकिन हमारी तरह आप पर मरता कौन है।

चेहरे पर हँसी छा जाती है।
आँखों में सुरूर आ जाता है।
जब तुम मुझे अपना कहते हो।
अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।

Sad Shayari

उदास नज़रो में ख़्वाब मिलेंगे।
कभी काटे तो कभी गुलाब मिलेंगे।
मेरे दिल की किताब को मेरी नज़रो से पढ़ कर तो देखो।
कही आपकी यादे तो कही आप मिलेंगे ।

हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे।
कभी चाहा किसी ने खुद तुम कहोगे।
हम ना होंगे तो ये आलम ना होगा।
मिलेंगे बहुत से पर हम सा कोई पगल ना होगा ।

बनके अजनबी मिले है ज़िंदगी के सफर में
इन यादों को हम मिटायेंगे नहीं
अगर याद करना फितरत है आपकी
तो वादा है हम भी आपको भुलायेंगे नहीं ।।

दर्द बन कर दिल में छुपा कौन है
रह रह कर इसमें चुभता कौन है
एक तरफ दिल है और एक तरफ आइना
देखते है इस बार पहले टूटता कौन है ।।

पत्ते गिर सकते है पर पेड़ नहीं
सूरज दुब सकता है पर आसमान नहीं
धरती सुख सकती है पर सागर नहीं
तुम्हे दुनिया भूल सकती है पर Sahil नहीं ।।

चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा
मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा
ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में
बस किनारे पर बैठा पथर फेंकता रहा ।।

मेरी दोस्ती की कहानी आपसे है
इन साँसों की रवानी आपसे है
ऐ दोस्त मुझे कभी बुला ना देना
इस दोस्त ली ज़िंदगानी आपसे है ।।

पाने से खोने का मज़ा कुछ और है
बंद आँखों से सोने का मज़ा कुछ और है
आँसू बने लफ़ज़ और लफ़ज़ बनी जुबा
इस ग़ज़ल में किसी के होने का मज़ा कुछ और है

सांसो का पिंजरा किसी दिन टूट जायेगा
ये मुसाफिर किसी राह में छूट जायेगा
अभी जिन्दा हु तो बात क्र लिया करो ।
क्याब पता कब हम से खुदा रूठ जायेगा ||

कभी रूत ना जाना मुझे मनाना नहीं आता
कभी दूर ना जाना मुझे पास बुलाना नहीं आता
अगर तुम भूल जाओ तो वो तुम्हारी मर्जी
हमें तो भूल जाना भी नहीं आता ||

तेरे बिना ज़िंदगी अधूरी है यारा
तुम मिल जाओ तो ज़िंदगी पूरी है यारा
तेरे साथ ज़िंदगी की सारी खुशिया
दुसरो के साथ हसना तो मज़बूरी है यारा ।।

हज़ारो बातें मिल कर एक राज़ बनता है
सात सुरों के मिलने से साज़ बनता है
आशिक़ के मरने पर कफ़न भी नहीं मिलता
और हसीनाओ के मरने पर ताज़ बनता है

Jis khushi ki chahat thi mujhe khushi wo mili,
Pyar ke siva zindagi bhi mili,
Affsos yahi ki kisi ka dard na bat saka,
Wafa na kiya phir bhi mujhe unse wafa mili.

Is dil ko todo ya is pyar se rishta tod do,
Tujhe rokunga nahi chahe jo bhi saja do,
Aj bhi mai jis hal mai hun us hal mein rahunga,
Mujhe juda karne se pahle ek bar muskara do.

नफरत कभी न करना तुम हमसे यह हम सह नहीं पाएंगे एक बार कह देना
हमसे जरूरत नहीं अब तुम्हारी, तुम्हारी दुनिया से हंसकर चले जायेंगे

किसी से प्यार करो तो इतना करो की जब भी
उसे तकलीफ आये तो सबसे पहले तुम्हारी याद आये

तोड़ा कुछ इस अदा से ताल्लुक उसने ग़ालिब,
के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रह गए।

आपके बिन टूटकर बिखर जायेंगे,
मिल जायेंगे आप तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे,
अगर न मिले आप तो जीते जी मर जायेंगे,
पा लिया जो आपको तो मर कर भी जी जायेंगे।

मोहब्बत के भी कुछ अंदाज़ होते हैं,
जगती आँखों के भी कुछ ख्वाब होते हैं,
जरुरी नहीं के ग़म में आँसू ही निकले,
मुस्कुराती आँखों में भी शैलाब होते हैं।

जब्त से काम लिया दिल ने तो क्या फक्र करूँ,
इसमें क्या इश्क की इज्ज़त थी कि रुसवा न हुआ,
वक्त फिर ऐसा भी आया कि उससे मिलते हुए,
कोई आँसू भी ना गिरा कोई तमाशा भी ना हुआ।

तुम खास नहीं हो ,मगर हर सांस में हो
रू-ब-रू नहीं हो मगर ,हर एहसास में हो
मिलोगे या नहीं मगर ,मेरी हर तलाश में हो
चाहे पूरी हो या ना हो ,मगर हर आस में हो
दूर ही सही तुम ,मगर फिर भी पास ही हो।

मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन,
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन,
सदियों सदियों वही तमाशा रस्ता रस्ता लम्बी खोज,
लेकिन जब हम मिल जाते हैं खो जाता है जाने कौन।

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी भी जिंदगी,
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

परवाह करने की आदत ने तो परेशां कर दिया,
गर बेपरवाह होते तो सुकून-ए-ज़िंदगी में होते।

शेरो-शायरी तो दिल बहलाने का ज़रिया है साहब,
लफ़्ज़ कागज पर उतारने से महबूब नहीं लौटा करते।

मेरी हर शायरी मेरे दर्द को करेगी बंया ए गम
तुम्हारी आँख ना भर जाएँ, कहीं पढ़ते पढ़ते।

कहीं किसी रोज़ यूँ भी होता,
जो हमारी हालत है वो तुम्हारी होती,
जो रात हमने गुजारी तड़प कर,
वो रात तुमने भी गुजारी होती।

ये मुहब्बत भी क्या रोग है फ़राज़,
जिसे भूले वो सदा याद आया।

दो चार नही मुझे सिर्फ एक दिखा दो,
वो शख्स जो अन्दर भी बाहर जैसा हो।

Ab Ye Guman Na Raha Ki Aaina Hai Dil Mera,
Toot Kar Patthar Pe Hi Jab Girna Mujhe Pada.

हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना,
बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,
ज़िन्दगी तो बीत जायेगी ऐ दोस्त,
बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना।

गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके।

मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी,
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी,
खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन,
उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी।

प्यार-मोहब्बत की बस इतनी सी कहानी है,
इक टूटी हुई कश्ती और ठहरा हुआ पानी है,
इक फूल जो किताबों में कहीं दम तोड़ चुका है,
कुछ याद नहीं आता किसकी निशानी है।

पल भर के लिए अगर वो हमे अपना बना ले,
अपनी ज़िंदगी का अगर वो सपना बना ले,
फिर भले ही दम निकल जाये हमारा,
बस एक रात के लिए वो मुझे अपना बना ले।

सलामती खुदा से माँगते हैं उनकी,
जिन्होंने खुद उजाड़ा था मुझको।

हर खुशी के पहलू हातों से छुट गए,
अब तो खुद के साए भी रूठ गए।

जाना कहा था और कहां आ गए,
दुनिया में बन कर मेहमान आ गए,
अभी तो प्यार की किताब खोली थी,
और न जाने कितने इम्तिहान आ गए।

हम तो मौजूद थे रात में उजालों की तरह​,
लोग निकले ही नहीं ​ढूंढने वालों की तरह​,
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते​,
उस ने चाहा ही नहीं चाहने वालों की तरह​।

अभी राह में कई मोड़ हैं
कोई आएगा कोई जाएगा,
तुम्हें जिसने दिल से भुला दिया
उसे भूलने की दुआ करो…

वो जिसे समझते थे जिंदगी,
मेरी धड़कनों का फरेब था,
मुझे मुस्कराना सिखा के,
वो मेरी रूह तक रुला गए।

जिसकी कफस में आँख
खुली हो मेरी तरह,
उसके लिए चमन की
खिजान क्या बहार क्या।

इस दिल को किसी की आहट की आस रहती है,
निगाह को किसी सूरत की तलाश रहती है,
तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही,
फिर भी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है।

न कोई इल्ज़ाम, न कोई तन्ज़, न कोई रुसवाई मीर,
दिन बहुत गए यार ने कोई इनायत नहीं की।

मुझे रुला कर दिल उसका भी तो रोया होगा,
उस की आँखों में भी आँसू आया तो होगा,
अगर न किया कुछ हासिल हमने प्यार में,
कुछ न कुछ उसने भी खोया तो होगा।

वो सलीके से हुआ हम से गुनाह वरना,
लोग तो साफ मोहब्बत से मुकरते देखे,
वक्त होता है हर एक ज़ख्म का मरहम,
फिर भी कुछ जख्म थे जो न भरते देखे।

आघोश में अपने छुपा ले मुझे कोई,
तन्हा हूँ तड़पने से बचा ले मुझे कोई,
सूखी है बड़ी देर से पलकों की जुबान,
बस आज तो जी भर के रुला दे मुझे कोई।

तेरी मोहब्बत से लेकर
तेरे अलविदा कहने तक,
मैंने सिर्फ तुझे चाहा
तुझ से कुछ नहीं चाहा।

दुआ नहीं तो गिला देता कोई,
मेरी वफ़ा का सिला देता कोई,
जब मुकद्दर ही नहीं था अपना,
देता भी तो भला क्या देता कोई।

न हाथ थाम सके और न पकड़ सके दामन,
बहुत ही क़रीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोई।

अब जिस तरफ से चाहे गुजर जाये कारवां,
वीरानियाँ तो सब मेरे दिल में उतर गयी।

तसव्वर में न जाने कातिबे तकदीर क्या था,
मेरा अंजाम लिखा है मेरे आगाज़ से पहले।

कोई तो है मेरे अंदर मुझको संभाले हुए,
कि बेकरार होकर भी बरक़रार हूँ मैं।

टूट जायें ख्वाब तो कोई आस क्या रखना,
पलकों के भीगने का हिसाब क्या रखना,
बस इसलिए मुस्करा देते हैं हम,
अपने दुःख से किसी को उदास क्या रखना।

हाथ मेरे भूल बैठे दस्तक देने का फन,
बन्द मुझ पर जब उसके घर का दरबाजा हुआ।

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