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Romantic Shayari

Romantic Shayari! Hi friends, I have collected some new Romantic Shayari. Romantic Shayari has been published. So check the latest Romantic Shayari and share it with your lovely friends. Read it and enjoy it.so you can hare it with your all lovely friends. Its give smile and happiness to everyone face. Laughter is the way to make smile on everyone’ s face. Laughter is the best medicine for our health. Be happy and keep laughing…
Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

रिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो
की उसके दिल के सारे गम चुरा लो
इतना असर छोड़ दो किसी पर अपना
के हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो …

तुम दूर हो मगर दिल में ये एहसास होता है
कोई है जो हर पल दिल के पास होता है
याद तो सब की आती है मगर
तुम्हारी याद का एहसास ही कुछ ख़ास होता है ….

आ जाओ के हुम्हे अब भी याद करते है
ज़िंदगी से जयादा हुम्हे प्यार करते है
आप जिस रास्ते से गुज़रते भी नहीं
हम उन रास्तो में भी आपका इंतज़ार करते है ।।

ऐ दिल तू धड़कना बंद कर
जब जब तू धड़कता है तब तब उनकी याद आती है
वो तू खुश है अपनी दुनिआ में
जान तो पल पल हमारी जाती है

कोई है जो दुआ करता है
अपनों मे मुझे भी गिना करता है
बोहत खुशनसीब समझते है खुद को हम
दूर रह कर भी जब कोई प्यार किया करता है

Romantic Shayari

कोई है जो दुआ करता है
अपनों मे मुझे भी गिना करता है
बोहत खुशनसीब समझते है खुद को हम
दूर रह कर भी जब कोई प्यार किया करता है

ख़ामोश रात में सितारे नई होते
उदास आँखों में रंगीन नज़ारे नई होते
हम कभी ना करते याद आपको
अगर आप इतने प्यारे ना होते

ऐ बारिश जरा थम के बरस
जब मेरा दोस्त आ जाये तो जम के बरस
पहले ना बरस के वो आ ना सके
फिर इतना बरस के वो जा ना सके

प्यार आ जाता है आँखें रोने से पहले
हर खवाब टूट जाता है सोने से पहले
इश्क़ है गुनाह ये समझ गये हम
काश कोई रोक लेता ये गुनाह होने से पहले

जान है मुझे ज़िंदगीं से प्यारी .
जान के लिए कर दू कुर्बान यारी
जान के लिए छोड़ दू यारी तुम्हारी .
पर तुमसे क्या छुपाना तुम ही तो हो जान हमारी

“जो पल पल जले वो रौशनी ”
“जो पल पल महके वो खुशबू ”
“जो पल पल धड़के वो दिल ”
“जो पल पल याद आये वो आप”

पाने से खोने का मज़ा कुछ और है
बंद आँखों से सोने का मज़ा कुछ और है
आँसू बने लफ़ज़ और लफ़ज़ बनी जुबा
इस ग़ज़ल में किसी के होने का मज़ा कुछ और है

प्यार के रास्ते बेवफा हो नहीं सकते
हम आपसे खफा हो नहीं सकते
आप बेशक हमें भूल कर सो जाओ
मगर हम आपको याद किये बिना सो नहीं सकते

दिल का तमाशा देखा नहीं जाता
टुटा हुआ सितारा देखा नहीं जाता
अपनी हीसे की सारी ख़ुशी आपको दे दूँ
मुझसे आपका ये उदास चेहरा देखा नहीं जाता

दिल के समुन्दर में एक गहराई है
उसी गहराई से तुम्हारी याद आई है
जिस दिन हम भूल जाये आपको
समझ लेना हमारी मोत आई है

Romantic Shayari

किसी को फूलों में ना बसाओ
फूलों में सिर्फ सपने बस्ते है
अगर बसाना है तो दिल में बसाओ
क्युकी दिल में सिर्फ अपने बस्ते है

उस नज़र की तरफ मत देखो
जो तुम्हे देखना से इनकार करती है
दुनिया की इस महफ़िल में उस नज़र को देखो
जो आपका इंतज़ार करती है

उनकी यादो को प्यार करते है
लाखो जनम उन पर निसार करते है
अगर राह में मिले वो आपसे
तो कहना उनसे हम आज भी उनका इंतज़ार करते है

अपना बनाकर हमें अपनी आग़ोश में भर लो,
होंगे नहीं कभी जुदा हम आज ये वादा कर लो,
बिखर जाएंगे तुमसे अगर जो दूर हो गए,
कल हो सके न हो सके आज चंद बातें कर लो

वो करते हैं शिकायत हमसे
कि हम हर किसी को देखकर मुस्कुराते हैं,
शायद उन्हें नहीं पता कि
हमें हर मुखड़े में सिर्फ वो ही नज़र आते हैं।

तुम्हारे मिलने के बाद नाराज़ है रब्ब मुझसे,
क्योंकि मैं उनसे अब और कुछ मांगता ही नहीं

तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,
ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे

आपकी यादों के साये में गुज़रता है ज़िन्दगी का सफ़र,
आपके ही ख्यालों के रंगों के दायरे में जो रहते हैं सदा।

आप दूर हो लेकिन दिल में यह एहसास होता है,
कोई ख़ास है जो हर वक़्त हमारे दिल के पास रहता है,
वैसे तो करते हैं याद हम सबको,
लेकिन आपकी याद का एहसास हमेशा ख़ास होता है’

तुम्हारे इश्क़ के रंग ओढ़कर ही मैं ख़ुशनुमा हूँ,
तुम ही तो हो मुझमे मैं खुद में कहाँ हूँ।

बक्शा है मुझे हुस्न आपकी आँखों ने,
आप ही तो लेकर आये हो मुझे इस गुरूर-ए हद तक

छुपाना चाहता हूँ तुम्हे अपनी आग़ोश में इस क़दर,
कि हवा भी गुज़रने की इज़ाजत माँगे,
हो जाऊँ मैं मदहोश तुम्हारे इश्क़ में इस क़दर,
कि होश भी आने की इज़ाजत माँगे।

कहाँ जाऊंगा मैं तुम्हे छोड़कर,
कि तुम्हारे बिना जब रात नहीं गुजरती,
तो ज़िन्दगी क्या ख़ाक गुजरेगी।

अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि इस दिल को आदत है,
तुम्हे याद करने की…

सुना है कि तेरी,
एक नज़र से ही लोग फ़ना हो जाते हैं…
मुझ गरीब को भी,
एक निग़ाह देख लो …

बर्बाद कर दिया मुझे,
तेरी इन मस्त निगाहों ने,
सौ साल जी लेते,
अगर दीदार-ऐ-हुस्न तेरा ना किया होता…

दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,
चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।

चाहत है या दिल्लगी या यूँ ही मन भरमाया है,
याद करोगे तुम भी कभी किससे दिल लगाया है।

ऐ शख्स तेरा साथ मुझे हर शक्ल में मंज़ूर है,
यादें हों कि खुशबू हो, यक़ीं हो कि ग़ुमान हो।

खुदा करे वो मोहब्बत जो तेरे नाम से है,
हजार साल गुजरने पे भी जवान ही रहे।

तुम मिल गए तो मुझ से नाराज है खुदा,
कहता है कि तू अब कुछ माँगता नहीं है।

तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,
खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम।

न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।

धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।

काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।

मैं वक़्त बन जाऊं तू बन जाना कोई लम्हा,
मैं तुझमें गुजर जाऊं तू मुझमें गुजर जाना।’

सामने बैठे रहो दिल को करार आएगा,
जितना देखेंगे तुम्हें उतना ही प्यार आएगा।

रोज वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को,
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है किस्मत मेरी।

ना समेट सकोगे क़यामत तक जिसे तुम,
कसम तुम्हारी तुम्हें इतनी मोहब्बत करते हैं।

आप जब तक रहेंगे आंखों में नजारा बनकर,
रोज आएंगे मेरी दुनिया में उजाला बनकर।’

तुम मुझे कभी दिल से कभी आँखों से पुकारो,
ये होठों के तकल्लुफ तो ज़माने के लिए होते हैं।

हम भी मौजूद थे तकदीर के दरवाजे पे,
लोग दौलत पर गिरे और हमने तुझे माँग लिया ।

छू गया जब कभी ख्याल तेरा,
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा,
कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में,
और घर देर तक महकता रहा।

चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बनके बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।

चेहरे पर हंसी छा जाती है,
आँखों में सुरूर आ जाता है,
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
मुझे खुद पर गुरुर आ जाता है।

छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।

जी चाहे कि दुनिया की हर एक फ़िक्र भुला कर,
दिल की बातें सुनाऊं तुझे मैं पास बिठाकर।

मुझे ना सताओ इतना कि मैं रुठ जाऊं तुमसे,
मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना।

आपके आने से ज़िन्दगी कितनी खूबसूरत है,
दिल में बसाई है जो वो आपकी ही सूरत है,
दूर जाना नहीं हमसे कभी भूलकर भी,
हमे हर कदम पर आपकी ज़रूरत है।”

संगमरमर के महल में तेरी तस्वीर सजाऊंगा,
मेरे इस दिल में ऐ सनम तेरे ख्वाब सजाऊंगा,
आजमा के देख ले तेरे दिल में बस जाऊंगा,
प्यार का हूँ प्यासा तेरे आगोश में सिमट जाऊॅंगा।

बदलना आता नहीं हमें मौसम की तरह,
हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं,
ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं।

मैं तमाम दिन का थका हुआ,
तू तमाम शब का जगा हुआ,
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर,
तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ।’

तेरे सीने से लगकर तेरी आरजू बन जाऊँ,
तेरी साँसो से मिलकर तेरी खुश्बू बन जाऊँ,
फासले ना रहें कोई तेरे मेरे दरमिआँ,
मैं…मैं ना रहूँ बस तू ही तू बन जाऊँ।

कुछ इस अदा से आज वो पहलू-नशीं रहे,
जब तक हमारे पास रहे हम नहीं रहे।

हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।

खुद नहीं जानते कितनी प्यारे हो आप,
जान हो हमारी पर जान से प्यारे हो आप,
दूरियों के होने से कोई फर्क नही पड़ता,
कल भी हमारे थे और आज भी हमारे हो आप।

भरम रखो मोहब्बत का
वफ़ा की शान बन जाओ,
किसी पर जान देदो या
किसी की जान बन जाओ,
तुम्हारे नाम से मुझको
पुकारें ये जहाँ वाले
मैं बन जाऊं अफसाना
और तुम उन्वान बन जाओ।

छेड़ आती हैं कभी लब तो कभी रूखसारों को
तुमने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पर चढा रखा है।

आ भी जाओ मेरी आँखों के रूबरू अब तुम,
कितना ख्वावों में तुझे और तलाशा जाए।

दिल की आरज़ू तो बस यही है मेरे सनम,
तेरे दिल में हम रहें मेरे दिल में तुम,
तेरा हाथ हाथ में लेकर चलते रहें यूँही,
यह ज़िन्दगी भी तेरे साथ जीने को पड़े काम।’

चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।

कहा ये किसने कि फूलों से दिल लगाऊं मैं,
अगर तेरा ख्याल ना सोचूं तो मर जाऊं मैं,
माँग ना मुझसे तू हिसाब मेरी मोहब्बत का,
आ जाऊं इम्तिहान पर तो हद्द से गुज़र जाऊं मैं।

मुझे सहल हो गई मंजिलें वो,
हवा के रुख भी बदल गये,
तेरा हाथ, हाथ में आ गया,
कि चिराग राह में जल गये।

अच्छी सूरत नज़र आते ही मचल जाता है,
किसी आफ़त में न डाल दे दिल-ए-नाशाद मुझे।

ये तो नहीं कि तुम सा जहान में हसीन नहीं,
इस दिल का क्या करूँ ये बहलता कहीं नहीं।

नज़रें मिल जाएं तो प्यार हो जाता है,
पलकें उठ जाएं तो इज़हार हो जाता है,
ना जाने क्या कशिश है आपकी चाहत में,
कि कोई अनजान भी…
हमारी ज़िन्दगी का हक़दार हो जाता है।

तेरा प्यार मेरी जिंदगी में
बहार ले कर आया है,
तेरे आने से पहले हर दिन
पतझड़ हुआ करता था।

बस इतना ही कहा था कि बरसों के प्यासे हैं हम,
उसने होठों पे होंठ रख के खामोश कर दिया।

यार पहलू में है तन्हाई है… कह दो निकले,
आज क्यूँ दिल में छुपी बैठी है हसरत मेरी।

खिड़की से झांकता हूँ मै, सबसे नज़र बचा कर
बेचैन हो रहा हूँ, क्यों घर की छत पे आ कर
क्या ढूँढता हूँ, जाने क्या चीज खो गई है,
इन्सान हूँ, शायद मोहब्बत हमको भी हो गई।

किताबों से दलील दूँ,
या खुद को सामने रख दूँ,
वो मुझ से पूछ बैठा है,
मोहब्बत किस को कहते हैं?

पूछते हैं मुझसे की शायरी लिखते हो क्यों,
लगता है जैसे आईना देखा नहीं कभी।

लाखों हसीन हैं इस दुनिया में तेरी तरह,
क्या करें हमें तो तेरी रूह से प्यार है।

बहुत वक़्त लगा हमें आप तक आने में,
बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में,
कभी तुम यह दिल तोड़ कर मत जाना,
हमने उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में।

पहली मोहब्बत थी और हम दोनों ही बेबस,
वो ज़ुल्फ़ें सँभालते रहे और मैं खुद को।

मुद्दत के बाद उसने जो आवाज़ दी मुझे,
कदमों की क्या बिसात थी साँसे ठहर गयीं।

नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में,
काश कि हमने तुझे इतने गौर से ना देखा होता।

मेरी निगाह-ए-शौक़ भी कुछ कम नहीं मगर,
फिर भी तेरा शबाब तेरा ही शबाब है।

नजाकत ले के आँखों में,
वो उनका देखना तौबा,
या खुदा हम उन्हें देखें
कि उनका देखना देखें।

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