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Khushi Shayari

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Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

चलो कोई निशाँ ढूँढ़ते हैं,
दिल का बहता हुआ कारवाँ ढूँढ़ते हैं,
मुद्दत हो गयी है मुस्कराये हुए,
चलो खुशी का कोई जहां ढूँढ़ते हैं।

यूं आये जिंदगी में कि ख़ुशी मिल गई,
मुश्किल राहों में चलने की वजह मिल गई,
हर एक लम्हा खुशनुमा बना दिया,
मेरी उम्मीद को नई मंजिल मिल गई।

Khushi Shayari

ना जाने वक्त खफा है या खुदा नाराज है हमसे,
दम तोड़ देती है हर खुशी मेरे घर तक आते-आते।

हम तो खुशियाँ उधार देने का
कारोबार करते हैं… साहब
कोई वक़्त पे लौटाता नहीं है
इसलिए घाटे में हैं..!

दुआओं पे हमारे ऐतबार रखना,
दिल में अपने ना कोई सवाल रखना,
देना चाहते हो अगर खुशियां हमें,
बस आप खुश रहना अपना ख्याल रखना।

आपकी पसंद हमरी चाहत बन जाये,
आपकी मुस्कान दिल की राहत बन जाये,
खुदा खुशियों से इतना खुश कर दे आपको,
कि आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाए।

जब भी उनकी गली से गुजरते हैं,
मेरी आँखें एक दस्तक दे देती हैं,
दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर लेते हैं,
खुशी ये है वो मुझे पहचान लेते हैं।

उसके हाथों का खिलौना ही सही खुश हूँ मैं,
कुछ देर के लिए ही सही मुझे चाहता तो है।

खुशी मिली तो कई दर्द मुझसे रूठ गए,
दुआ करो की मैं फिर से उदास हो जाऊं।

इन्हीं ग़म की घटाओं से खुशी का चाँद निकलेगा,
अँधेरी रात के पर्दों में दिन कि रौशनी भी है।

दिल में खुशी हो तो छलक जाती है,
मुस्कुराहटें बजह की मोहताज नहीं होती।

न ख़ुशी अच्छी है ऐ दिल न मलाल अच्छा है
यार जिस हाल में रक्खे वही हाल अच्छा है

ना ख़ुशी खरीद पाता हूँ ना ही गम बेच पाता हूँ,
फिर भी ना जाने मैं क्यूँ हर रोज कमाने जाता हूँ.

ख़ुशी कहाँ हम तो गम चाहते हैं,
ख़ुशी उसको दे दो जिसको हम चाहते हैं.

पता न चला कि इश्क के जाल में फँसे कब थे,
मरते वक्त याद न आया कि हँसे कब थे.

मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है

ये चेहरे की ख़ुशी सिर्फ़ तेरे इन्तजार की हैं,
क्योकि दिल में आज भी उम्मीद तेरे दीदार की हैं.

सजते रहे ख़ुशियों की महफ़िल, हर खुशियाँ सुहानी रहे,
आप जिन्दगी में इतना ख़ुश रहे कि हर ख़ुशी आपकी दिवानी रहे.

तेरे बिना ख़ुशियों का चिराग जलता नही.
शहर की रौशनी से ये दिल बहलता नहीं,

कभी ख़ुशी की आशा, कभी मन की निराशा,
कभी ख़ुशियों की धूप, कभी हकीकत की छाँव,
कुछ खोकर कुछ पाने की आशा,
शायद यही हैं जीवन की परिभाषा.

Khushi Shayari

खुशियाँ छुपी है छोटी-छोटी अरमानों में,
पता नही क्यों ढूढ़ते हैं इसे महंगी दुकानों में.

उस ख़ुशी का हिसाब कैसे हो,
जो तुम पूछ लो ‘जनाब कैसे हो’.

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