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Emotional Shayari

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Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

hai chand bhi akela seetaron ke bich main
jeete hai hum bhi tanha hazaron ke bich main
ye kaisa muqaddar likha hai mere maula tune
koi yaar na mila yahan yaaron ke bich main

ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत सब फ़रेब के आईनें हैं
हाथों में तेरा हाथ होने से ही मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं

Emotional Shayari

jahir na hone diya kabhi dard ka dariya
har ashk ko apne kafan main chupa liya
tamaam khwahishen haskar majzzor ki
tere ek shauk par humne apni zindagi luta di

सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे
खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया

azeeb tarah se gujar rahi zindagi apni
dilon pe raaj kiya phir bhi muhabbat ko taras rahe hai

मै कुछ लिखूँ और तेरा जिक्र ना हो
वो तो मुकुल की शायरी की तौहीन होगी.

jeene ke waste teri baatein kharid loon
mera bus chale to teri yaadein khareed loon
har waqt jo sirf tera deedar kar saken
sab kuch luta kar wo aakhin khareed loon

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर
जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है

hamein na dekh jamane ki gard aakhon se
tujhe khabar nahi hum tujh ko kitna chahte hai

हवा चुरा ले गयी मेरी शायरी की किताब
देखो आसमां पढ़ के रो रहा है बेहिसाब आज

Emotional Shayari

kab tak aakhon main jane ka kachra jane ka bahan karoon
lo aaj sare aam kaheta hoon tumhe yaad kar ke rota hoon

इश्क के चांद को अपनी पनाह में रहने दो
.लबों को ना खोलो आंखों को कुछ कहने दो

चुभते हुए ख्वाबों से कह दो अब आया ना करे
हम तन्हा तसल्ली से रहते है बेकार उलझाया ना करे

main accha hoon ya bura hoon apne liye hoon
main khud ko nahi dekhta aauron ki najar se

दो मुलाक़ात क्या हुई हमारी तुम्हारी
निगरानी मे सारा शहर लग गया

ek dewana dewanigi main badi baat kahe gaya
qayamat ki ghadi ko mulaqaat hogi

कोई लफ्ज़ नही फिर भी कलम उठाई है
बस तुमको यही जताना था कि याद तुम्हारी आयी है

waqt hi nahi raha kisi se wafa karne ka janab
had se zayda chaho to log matlabi samjh lete hai

कोशिश करूंगा मैं भी…तुम्हें भुलाने की !
अभी तो मैं…तेरे झूठे वादों को भुलाना सीख रहा हूँ !!

ek sakhs hi kafi hota hai gaam bantne ke liae
mahfilo me to baas tmashe bante hai

दिल से दिल की दूरी नहीं होती !
काश कोई मज़बूरी नहीं होती !
आपसे अभी मिलाने की तमन्ना है!
लेकिन कहते हैं हर तमन्ना पुरी नहीं होती !!

जिन्दगी से अपना हर दर्द छुपा लेना,
ख़ुशी ना सही गम गले लगा लेना,
कोई कहे मोहब्बत आसान हैं,
तो उसे मेरा टूटा दिल दिखा देना…

ना जीने की ख़ुशी ना मरने का गम,
हमे सिर्फ़ हैं उनसे ना मिलने का गम,
जीते हैं इसलिए कि हमारे कहलायेंगे वो
मरते नही इसलिए कि अकेले रह जायेंगे वो.

वो रोए तो बहुत… पर मुहँ मोड़कर रोए…
कोई तो मजबूरी होगी… जो दिल तोड़कर रोए…
मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकड़े…
पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़कर रोए…

तुम ही हो एक मेरे,
दिल को बस यही करार रहा…
लौट आओगे एक दिन तुम,
आखिरी सांस तक बस तेरा ही इन्तजार रहा…!!!

बस यही सोचकर कोई सफ़ाई नही दी हमने,
कि इल्जाम भले ही झूठे हो पर लगाये तो तुमने हैं…

मेरी किस्मत में नही लिखा था तुम्हारा साथ,
फिर भी ख़ूबसूरत था मेरे हाथों में तुम्हारा हाथ…

जिन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते हैं,
जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ़ चाह सकते हैं…

यादाश चाहे कितनी भी बुरी हो बस वही
याद रह जाता हैं जिसे हम भूलना चाहते हैं…

दर्द हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं होता,
रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता,
बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में,
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता!

तुम लाख दुआ कर लो मुझसे दूर जाने की ..
मेरी दुआ भी उसी खुदा से है तुझे मेरे करीब लाने की.

वो उम्र भर कहते रहे तुम्हारे सीने में दिल ही नहीं..
दिल का दौरा क्या पड़ा, ये दाग भी धुल गया.

अभी ज़रा वक़्त है,
उसको मुझे आज़माने दो.
वो रो रोकर पुकारेगी मुझे,
बस मेरा वक़्त तो आने दो।

तकलीफ ये नही की किस्मत ने मुझे धोखा दिया,
मेरा यकीन तुम पर था किस्मत पर नही.

घुटन सी होने लगी है,
इश्क़ जताते हुए,
मैं खुद से रूठ गया हूँ,
तुम्हे मनाते हुए.

मोहब्बत तो दिल से की थी,
दिमाग उसने लगा लिया…
दिल तोड दिया मेरा उसने
और इल्जाम मुझपर लगा दिया.

तेरे बिना जीना मुश्किल है …!
ये तुझे बताना और भी मुश्किल है.

मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है ..
पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में…

प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं …
जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिये…

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी…
पहले पागल किया..
फिर पागल कहा..
फिर पागल समझ कर छोड़ दिया.

वो सुना रहे थे अपनी वफाओं के किस्से,
हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गये.

लोग पूछते हैं, मैं क्या करती हूँ…
उन्हें क्या बताऊँ…
मौहब्बत की थी, अब रोज मरती हूँ…

एक दिन, मेरी आँखों ने भी थककर मुझसे कह दिया,
ख्वाब वो देखा करों जो पूरे हो,
रोज-रोज हमसे भी रोया नही जाता…!!!

वो अब नही आयेंगे आँसू पोछने,
नादान आँखों को कैसे समझाऊ…

जान जब प्यारी थी,
तब दुश्मन हजार थे…
अब मरने का शौक हैं,
तो कातिल नही मिलते…

लौट आती है हर बार दुआ मेरी ख़ाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर ख़ुदा रहता हैं…

मोहब्बत हाथ की चूड़ियों के जैसी होती हैं,
संवरती हैं… खनकती हैं… टूट जाती हैं…

टूट कर चाहना और फिर टूट जाना,
बात छोटी है मगर जान निकल जाती हैं…

बात-बात पर मुस्कुराती हो बार-बार,
जान लेने के और भी तरीके हैं हजार…

दिल में आने का रास्ता होता हैं
पर जाने का नही,
इसलिए लोग दिल से जाते हैं तो
दिल तोड़ के जाते हैं…

कुछ राज तो कैद रहने दो मेरी आँखों में,
हर किस्से तो शायर भी नही बताता…!!!

अगर नींद आ जाए तो सो लिया कीजिये…
यूँ रातों को जागने से… मोहब्बत लौटा नही करती…

बड़े बेताब थे वो मोहब्बत करने को हमसे,
जब मैंने भी उनसे मोहब्बत कर ली तो
उन्होंने शौक बदल दिया

जरुरत से ज्यादा वक़्त और इज़्ज़त देने से
लोग आपको गिरा हुआ समझने लगते है

कटीली झाड़ियों पर ठहरी हुई बूंदों ने बस यही बताया है,
पतो ने साथ छोड़ा तो क्या….
कुदरत ने तुझे मोतियों से सजाया है.!!

कभी गुमसुम से रहते है कभी नाराज होते है
जो दिल टूटे मिजाज अक्सर ज़रा नासाज़ होते है
ये मेरा मामला है तो ज़माने भर में चर्चे क्यों भले
लगते मुझे वो गम जो बे आवाज होते है

कहते है हर रिश्ते का एक अर्थ होता है
हर अर्थ का एक तर्क होता है
ज़िन्दगी में न करना नफरत किसी से
क्यूंकि हर रिश्ते में दर्द छिपा होता है

ना गम से खिलवाड़ किया ना दर्द से इंकार किया
अपने ही जिगर को जख्मी तेरी यादों से बार बार किया

मज़ा आ रहा था दिलबर से दिल लगाने में
नजरें भी हम पर थी और पर्दा भी हामी से था

उन परिंदों को क़ैद करना मेरी फितरत में नहीं
जो दिल के पिन्जरे में रहे कर भी
दूसरों के साथ उड़ने का सोचते है

हर यार दिलदार नहीं होता हर सख्स वफादार नहीं होता
ये तो दो दिल मिलने कि बात है
वरना तो सात फेरो बाद भी प्यार नहीं होता

कई आँखों में रहेती है कई बाहें बदलती है
मुहब्बत भी सियासत कि तरह राहें बदलती है

दिल में कुछ नहीं आज भी दर्द के सिवा
आँखों में कुछ नहीं आज तेरी याद के सिवा
तुम एह्रना मत कभी साथ मेरे
ज़िन्दगी में कुछ नहीं तेरे प्यार के सिवा

कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे
कि दर्द का बवंडर अब सभाला नहीं जाता
कब तक छुपा कर रखों में इसे
की आसोंओं का समंदर अब सभाला नहीं जाता

अपने ही क़यामत में बसर कर रहा हूँ में
जो दर्द बनके जी लिए वो मरहले किया थे
सरमाय हुए आये थे जो मेरे दर के सामने
सब लूटके मेरा चल दिए वो हुस्न भी किया थे

में तेरे वास्ते दुनिया के रंजो गम उठा लूंगी
कोई शोला उठा दिल में उसे शबनम बना दूँगी
तेरे आने से मोहब्बत में जो रंग आया है
अपनी आँखों में इसी रंग का काजल लगा लूंगी

उलटी ही चाल चलते हैं दिवानेगे इश्क
आँखों को बंद करते हैं दीदार के लिए

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